शून्य मंत्र का गुप्त रहस्य | Hidden Secret of Shunya Mantra

 


शून्यपंथ का शून्यमंत्र !

शून्यमंत्र, ब्रह्मांड को संचालित करने वाली शून्य ऊर्जा शक्ति पर आधारित मंत्र है इसलिए यह अति शक्तिशाली और प्रभावकारी है | शून्यपंथ पिछले दो दशकों से शून्यमंत्र के उच्चारण की सटीक विधि सिखाने और इससे होने वाले सभी लाभों की विस्तृत जानकारी को, शून्य में विश्वास रखने वाले लोगों तक पहुंचाने का कार्य कर रहा है | विश्व के अनेकों देशों में शून्यमंत्र करने वाले लोग, सांसारिक समस्याओं से छुटकारा पाने के साथ-साथ, अलौकिक शून्यऊर्जा का अनुभव भी कर रहे है |

संसार में तीन प्रकार के मार्ग है धर्मात्म, आध्यात्म और शून्यात्म इसलिए संसार में तीन प्रकार के लोग हैं धर्मात्मिक, आध्यात्मिक और शून्यात्मिक ! अपने वर्तमान स्तर का आँकलन के लिए आप शून्यपंथ से मार्गदर्शन प्राप्त कर सकते है |  

शून्यमंत्र करते समय किसी भी जीवित अथवा मृत व्यक्ति, चित्र, आकृति, कर्मकांड, आसन, समय, स्थान इत्यादि पर निर्भर नहीं होना है | शून्यमंत्र से सांसारिक आवश्यकताएं, बाधाएं, कष्ट और समस्याएं अपने आप शून्य होने लगती है | शून्यमंत्र के प्रतिदिन उच्चारण करने से लोक और परलोक, दोनों का सुख मिलता है |

शून्यपंथ का शून्यमंत्र ‘शून्य-शून्य’ है | शून्यमंत्र को करने वाले व्यक्ति के शरीर में और  आसपास वायुमंडल में शून्यऊर्जा सक्रिय हो जाती है जिससे इच्छित फल की प्राप्ति होती है, यह इच्छित फल सांसारिक हो या अलौकिक हो, इस मंत्र का अदभुत सकारात्मक परिणाम मिलता है | इस मंत्र को किस इच्छा के साथ कितना और कैसे उच्चारण करना चाहिए यह एक गूढ विषय है इसलिए शून्यमंत्र आरम्भ करने से पहले इसके पूर्ण ज्ञान के लिए शून्यपंथ से अवश्य संपर्क करें |

शून्यमंत्र करने से व्यक्ति का आत्मचक्र खुलना आरंभ होता है, जिससे पृथ्वी से ब्रह्माण्ड तक, और शून्य से मोक्ष तक, शून्य के सभी गुप्त रहस्यों का ज्ञान हो जाता है | शून्यमंत्र कभी भी, कहीं  भी, किसी भी समय किया जा सकता है इसको करने में कोई भ्रम नहीं है | शून्यमंत्र करने से आत्मिक शून्यता के साथ-साथ सांसारिक शून्य अर्थात धन की बढ़ोतरी भी होती है | शून्यमंत्र, सांसारिक उन्नति और शून्यात्मिक उन्नति, दोनों के लिए श्रेष्ठ मंत्र है | शून्यमंत्र को शून्यध्यानमंत्र और मोक्षमंत्र भी कहा जाता है |

शून्यमंत्र उच्चारण करने से होने वाले लाभ इस प्रकार हैं:

  • ·     ध्यान में एकाग्रता में उन्नति होना
  • ·     मानसिक शांति का अनुभव होना
  • ·     समस्याओं से छुटकारा होना
  • ·     अंतरज्ञान की जागृति होना
  • ·     चिंताओं से मुक्ति होना
  • ·     कष्टों का निवारण होना
  • ·     बाधाओं का अंत होना
  • ·     अज्ञानता की समाप्ति होना
  • ·     आत्मसिद्धि की प्राप्ति होना
  • ·     शून्यात्मिक होने में लाभ होना
  • ·     मोक्ष प्राप्ति की संभावना होना
  •      इत्यादि 

शून्यपंथ की सदस्यता पाने के लिए आज ही संपर्क करें और शून्यमंत्र से अपने जीवन के असंभव लक्ष्यों की प्राप्ति करें ! शून्यमंत्र द्वारा इच्छित फल की प्राप्ति के लिए शून्यपंथ का सहयोग हमेशा आपके साथ है !

शून्य शून्य !

संस्थापक : विजय बतरा 

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